Thursday, 11 January 2018

Hanuman Chalisa Lyrics In Hindi - Hanuman Chalisa In Hindi

हम आपके लिए यहां पर पूरी हनुमान चालीसा लेकर आये हैं। हनुमान चालीसा का क्या अर्थ है? हनुमान चालीसा का पाठ हम क्यू करते हैं? आपके दिल और दिमाक में ऐसे प्रशन अवश्य ही आते होंगे और आने भी चाहिए। क्यू की जिस काम को हम कर रहे हैं उसके बारे में हमें पता ही न हो की ये क्या काम है और इसे पूरा करने से हमें क्या लाभ मिलेगा तो उस काम का न ही करे तो अच्छा होगा। जैसे की आप जानते हैं कि हनुमान चालीसा भगवन श्री हनुमान जी को प्रश्न करने के लिए किये जाते हैं। हनुमान चालीसा का अर्थ है कि हनुमान जी का पाठ चालीस(40) बार करना। यदि कोई मनुष्य इस पाठ को चालीस बार सुबह जल्दी उठकर स्न्नान करके भगवन श्री हनुमान जी की प्रतिमा (मूर्ति) के सामने पढ़ता है, उसकी सभी मनोकामनाये पूरी हो जाती हैं। हनुमान चालीस का पाठ मुख्यतः मंगलवार तथा शनिवार को किया जाता हैं। यदि आप मन की और घर की सुख शांति करवाना और रखना चाहते हैं तो आपको हनुमान चलिसा का पाठ अवश्य करना चाहिए।




                                ।।दोहा।।             
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।

बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवनकुमार।
बल-बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार।।



।।चौपाई।।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।।1।।

राम दूत अतुलित बल धामा।
अञ्जनि-पुत्र पवनसुत नामा।।2।।


महाबीर बिक्रम बजरंगी
कुमति निवार सुमति के संगे।।3।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।4।।



हाथ बज्र और ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेउ साजै।।5।।

शंकर सुवन केसरीनन्दन।
तेज प्रताप महाजग बन्दन।।6।।

बिद्यावान गुनी अतिचातुर।
राम काज करिबै को आतुर।।7।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन, सीता मन बसिया।।8।।



सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंका जरावा।।9।।

भीम रूप धरि असुर सँहारे।
रामचन्द्र के काज सँवारे।।10।।

लाय संजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।11।।

रघुपति कीनही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।12।।

सहस बदन तुम्हारो जस गावै।
अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावै।।13।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।14।।

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।
कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते।।15।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।16।।



तुह्मरो मन्त्र बिभीषन माना।
लंकेश्वर भए सब जग जाना।।17।।

जुग सहस्र जोजन पर भानु।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।18।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं।।19।।

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हारे तेते।।20।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।21।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रच्छक काहू को डर ना।।22।।

आपन तेज समहारो आपै।
तीनों लोक हाँक तें काँपै।।23।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।24।।



नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।25।।

संकट तें हनुमान छुड़ावे।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।26।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।।27।।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।28।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है प्रशिद्ध जगत उजियारा।।29।।

साधु सन्त के तुम रखवारे।
असुर निकन्दन राम दुलारे।।30।।

अस्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।31।।

राम रसायन तुम्हारे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।32।।



तुम्हारे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै।।33।।

अन्त काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई।।34।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।35।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।36।।

जय जय जय हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।37।।

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बन्दी महा सुख होई।।38।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिदही साखी गौरीसा।।39।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजे नाथ हृदय महँ डेरा।।40।।



।।दोहा।।

पवनतनय संकट हरन मंगल मूरति रूप।

राम लखन सीता सहित ह्रदय बसहु सुर भूप।।

Also Visit:

Happy Birthday Messages For Sweet Mom 

Most Powerful Mantra - Bajrang Baan

Hanuman Chalisa In English

Sankat Mochan Hanuman Aashtak

0 comments: